Question:

alpha-1-antitrypsin naamak maanav protein jo paarjeevi j\(\alpha\)-1-एंटीट्रिप्सीन नामक मानव प्रोटीन जो पारजीवी जंतुओं से प्राप्त होती है, का उपयोग के उपचार के लिए किया जाता है।

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पारजीवी जंतुओं द्वारा उत्पादित कुछ महत्वपूर्ण औषधीय प्रोटीनों को याद रखें, जैसे कि एम्फीसेमा के लिए \(\alpha\)-1-एंटीट्रिप्सिन और सिस्टिक फाइब्रोसिस के लिए पुनः संयोजक मानव प्रोटीन।
Updated On: May 4, 2026
  • अल्जाइमर रोग
  • एम्फीसेमा
  • रूमेटॉइड संधिशोथ
  • पुटीय रेशामयता (सिस्टिक फाइब्रोसिस)
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collegedunia
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में एक विशिष्ट पुनः संयोजक प्रोटीन, अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन, के चिकित्सीय उपयोग के बारे में पूछा गया है, जिसे पारजीवी जंतुओं का उपयोग करके उत्पादित किया जाता है।
चरण 2: अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन के कार्य का विश्लेषण:

अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन (AAT) एक प्रोटीन है जो शरीर में, विशेष रूप से फेफड़ों में, अन्य प्रोटीनों की गतिविधि को नियंत्रित करता है।
• इसका मुख्य कार्य न्यूट्रोफिल इलास्टेज नामक एक एंजाइम को रोकना है। सामान्य परिस्थितियों में, यह एंजाइम पुराने या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और संक्रमण से लड़ता है।
• कुछ व्यक्तियों में एक आनुवंशिक विकार होता है जिसे अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन की कमी कहते हैं। इस कमी के कारण, न्यूट्रोफिल इलास्टेज अनियंत्रित हो जाता है और फेफड़ों के लोचदार ऊतक (इलास्टिन) को नष्ट करना शुरू कर देता है।
• इस ऊतक के विनाश से एम्फीसेमा (वातस्फीति) नामक एक फेफड़ों की बीमारी होती है, जिसमें सांस लेने में गंभीर कठिनाई होती है।
• इस आनुवंशिक एम्फीसेमा का इलाज करने के लिए, पारजीवी जंतुओं (जैसे भेड़) का उपयोग करके पुनः संयोजक अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन का उत्पादन किया गया है और इसे प्रतिस्थापन चिकित्सा के रूप में उपयोग किया जाता है। चरण 3: अंतिम उत्तर:
अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन का उपयोग एम्फीसेमा के उपचार के लिए किया जाता है। अतः, सही उत्तर विकल्प (B) है।
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