नीचे दो कथन दिए गए हैं : कथन-I : अम्लीय \(KMnO_4\) के साथ \(p\)-नाइट्रोटोल्यून का ऑक्सीकरण एक ही उत्पाद देता है जो दोनों \(cis\) और \(trans\) समावयवों से अधिक प्रबल होता है। कथन-II : \(Sn/HCl\) के साथ \(p\)-नाइट्रोटोल्यून का अपचयन और उसके बाद डायजोटीकरण एक ऐसा यौगिक देता है जो फिनोलीन के और्थो स्थिति में coupling देता है।
उपयुक्त विकल्प चुनिए :
Show Hint
\(KMnO_4\) aromatic side-chain oxidation के लिए बहुत महत्वपूर्ण reagent है।
पद 1: प्रश्न को समझना
हमें दोनों statements की सत्यता जांचनी है।
पद 2: मुख्य सूत्र या दृष्टिकोण
\(KMnO_4\) side-chain oxidation करता है और \(Sn/HCl\) nitro group को amino में reduce करता है।
पद 3: विस्तृत व्याख्या
कथन-I गलत है क्योंकि oxidation के बाद benzoic acid derivative बनता है, और “cis-trans” की बात यहाँ लागू नहीं होती।
कथन-II सही है क्योंकि:
\[
NO_2 \xrightarrow{Sn/HCl} NH_2
\]
फिर diazotization के बाद coupling reaction संभव होती है।
पद 4: अंतिम उत्तर
अतः सही विकल्प (B) है।