Question:

‘भारतेंदु हरिश्चंद्र’ को किस युग का प्रवर्तक माना जाता है? 
 

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यह प्रश्न बहुत सरल है क्योंकि कवि के नाम में ही उनके युग का नाम छिपा है— भारतेंदु हरिश्चंद्र $\rightarrow$ भारतेंदु युग। उन्हें आधुनिक हिंदी साहित्य का पितामह भी कहा जाता है।
Updated On: May 21, 2026
  • द्विवेदी युग
  • छायावाद युग
  • भारतेंदु युग
  • रीतिकाल
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The Correct Option is C

Solution and Explanation


Step 1: Understanding the Concept:

हिंदी साहित्य के आधुनिक काल के प्रथम चरण को भारतेंदु युग के नाम से जाना जाता है। इस युग का नामकरण महान लेखक, कवि और पत्रकार बाबू भारतेंदु हरिश्चंद्र के नाम पर किया गया है। उन्होंने हिंदी गद्य (Prose) और खड़ी बोली को एक नई दिशा दी और देशप्रेम व सामाजिक चेतना को साहित्य का मुख्य विषय बनाया।

Step 2: Detailed Explanation:

आइए हिंदी साहित्य के आधुनिक काल के विभिन्न युगों और उनके प्रवर्तकों/नामकरण को क्रम से समझते हैं: भारतेंदु युग (Correct): इस युग की अवधि लगभग 1850 ई. से 1900 ई. तक मानी जाती है। बाबू भारतेंदु हरिश्चंद्र को नवजागरण का अग्रदूत और इस युग का जनक या प्रवर्तक माना जाता है। द्विवेदी युग: इस युग का नामकरण आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हुआ (समय: 1900 ई. से 1920 ई.)। छायावाद युग: इस युग के प्रमुख स्तंभों में जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' और महादेवी वर्मा शामिल हैं (समय: 1918 ई. से 1936 ई.)। रीतिकाल: यह मध्यकाल का उत्तर भाग है, जो आधुनिक काल से ठीक पहले का समय था। अतः स्पष्ट है कि भारतेंदु हरिश्चंद्र 'भारतेंदु युग' के प्रवर्तक हैं।

Step 3: Final Answer:

‘भारतेंदु हरिश्चंद्र’ को भारतेंदु युग का प्रवर्तक माना जाता है।
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