Question:

'उत्साह' कविता में 'निराला' ने बादल का चित्रण किस रूप में किया है?

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इस उत्तर में 'क्रांति' और 'नव-निर्माण' जैसे शब्दों का प्रयोग करने से परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
Updated On: Feb 25, 2026
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Solution and Explanation

'उत्साह' कविता में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' ने बादल का चित्रण बहुआयामी रूपों में किया है। कवि ने बादल को केवल पानी बरसाने वाले माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि शक्ति और परिवर्तन के प्रतीक के रूप में देखा है:
1. क्रांतिकारी कवि के रूप में: निराला जी ने बादलों को एक ऐसे क्रांतिकारी कवि के रूप में चित्रित किया है, जो अपनी गर्जना से सोए हुए समाज में चेतना और उत्साह का संचार करता है।
2. कल्याणकारी और जीवनदाता के रूप में: बादल तपती धरती को शीतलता प्रदान करते हैं और विश्व के पीड़ित, प्यासे जन की आकांक्षाओं को पूरा करने वाले सुखद संदेशवाहक हैं।
3. विनाशक और सृजनकर्ता के रूप में: बादल में जहाँ एक ओर 'वज्र' जैसी विनाशकारी शक्ति छिपी है, वहीं दूसरी ओर वह नई सृष्टि की रचना करने वाला 'नव-जीवन' का संचारक भी है।
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