Question:

अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन की सुंदरता को किन संदर्भों में देखा है?

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फागुन के सौंदर्य की तुलना 'मानवीय उल्लास' से करते हुए उत्तर को समाप्त करें।
Updated On: Feb 25, 2026
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Solution and Explanation

'अट नहीं रही है' कविता में फागुन मास की व्यापक सुंदरता का वर्णन निम्नलिखित संदर्भों में किया गया है:
1. प्राकृतिक वैभव: फागुन की शोभा इतनी अधिक है कि वह प्रकृति के शरीर में समा नहीं पा रही है। पेड़ों की डालियाँ लाल-हरे पत्तों और रंग-बिरंगे फूलों से लद गई हैं।
2. मादकता और सुगंध: फागुन की हवा इतनी सुगंधित है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति स्वयं सांस लेकर अपनी खुशबू चारों ओर बिखेर रही है। यह सुगंध मन को प्रसन्न और उमंगित कर देती है।
3. सर्वव्यापकता: कवि ने इस सुंदरता को इतना असीमित पाया है कि उनकी आँखें चाहकर भी इस सौंदर्य से हट नहीं पा रही हैं। घर-घर में फागुन का उल्लास और चमक बिखरी हुई है।
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