चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में मलेरिया परजीवी, प्लैज्मोडियम, के मानव शरीर में होने वाले जीवन चक्र के चरणों को सही क्रम में व्यवस्थित करने के लिए कहा गया है।
चरण 2: प्लैज्मोडियम के जीवन चक्र का विश्लेषण (मानव में):
• (E) संक्रमण: जब एक संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर किसी व्यक्ति को काटती है, तो वह अपनी लार के साथ परजीवी के संक्रामक रूप, जीवाणुज (sporozoites), को रक्तप्रवाह में डाल देती है।
• (D) यकृत तक पहुंचना: जीवाणुज रक्त के माध्यम से यात्रा करके यकृत (liver) तक पहुंचते हैं।
• (B) यकृत चरण (अलैंगिक): यकृत कोशिकाओं के अंदर, परजीवी अलैंगिक रूप से (शाइजोगोनी द्वारा) कई गुना बढ़ जाते हैं। अंत में, वे यकृत कोशिकाओं को फोड़कर रक्त में मेरोजोइट्स (merozoites) के रूप में निकलते हैं।
• (A) RBC चरण (अलैंगिक): मेरोजोइट्स लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) पर आक्रमण करते हैं। RBCs के अंदर, वे फिर से अलैंगिक रूप से गुणा करते हैं, जिससे RBCs फट जाती हैं। RBCs के फटने से हीमोजोइन नामक एक विष निकलता है, जो मलेरिया के ठंड लगने और बुखार के चक्र का कारण बनता है।
• (C) युग्मकजनक का निर्माण: RBC चरण के कई चक्रों के बाद, कुछ मेरोजोइट्स RBCs के अंदर नर और मादा युग्मकजनकों (gametocytes) में विकसित होते हैं। ये लैंगिक अवस्थाएं हैं।
(जीवन चक्र तब पूरा होता है जब कोई दूसरा मच्छर इन युग्मकजनकों को रक्त के साथ चूसता है, और मच्छर के पेट में निषेचन होता है।)
चरण 3: सही क्रम का निर्धारण:
मानव में घटनाओं का सही क्रम है: E \(\rightarrow\) D \(\rightarrow\) B \(\rightarrow\) A \(\rightarrow\) C.
चरण 4: अंतिम उत्तर:
यह क्रम विकल्प (B) से मेल खाता है। अतः, विकल्प (B) सही है।