Concept:
- अनुच्छेद एक ही अनुच्छेद में लिखा जाता है, उसमें उपशीर्षक या बिंदु नहीं बनाए जाते।
- दिए गए तीनों संकेत-बिंदुओं को क्रम से उठाना आवश्यक है, तभी पूरे अंक मिलते हैं।
Step 1: पहला संकेत बिंदु, सूक्ति का अर्थ।
कुंजी अर्थात चाबी। जैसे बंद ताला चाबी से ही खुलता है, वैसे ही सफलता का द्वार परिश्रम से ही खुलता है। यही इस सूक्ति का अर्थ है।
Step 2: दूसरा संकेत बिंदु, विद्यार्थी जीवन में महत्त्व।
विद्यार्थी के लिए परिश्रम ही सबसे बड़ी पूँजी है। नियमित अध्ययन, अभ्यास और अनुशासन से ही ज्ञान स्थायी बनता है।
Step 3: तीसरा संकेत बिंदु, आज इसकी आवश्यकता क्यों।
आज प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है और हर क्षेत्र में अवसरों से अधिक उम्मीदवार हैं। साथ ही मोबाइल और मनोरंजन के साधनों ने ध्यान भटकाना आसान कर दिया है।
Step 4: अंत में निष्कर्ष जोड़िए।
एक-दो पंक्ति में यह बताइए कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है।
Final Answer:
परिश्रम सफलता की कुंजी है
कुंजी अर्थात चाबी। जैसे बंद ताला चाबी के बिना नहीं खुलता, वैसे ही सफलता का द्वार परिश्रम के बिना नहीं खुलता। यही इस सूक्ति का आशय है। संसार में जितने भी महान व्यक्ति हुए हैं, उनकी सफलता के पीछे भाग्य नहीं, अथक परिश्रम रहा है। विद्यार्थी जीवन में तो परिश्रम का महत्त्व और भी अधिक है, क्योंकि यही वह समय है जब भविष्य की नींव रखी जाती है। नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और अनुशासन से ही ज्ञान स्थायी बनता है। आज के समय में इसकी आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, क्योंकि प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है और अवसरों की तुलना में उम्मीदवार कहीं अधिक हैं। साथ ही मोबाइल और मनोरंजन के साधनों ने ध्यान भटकाना बहुत आसान कर दिया है। ऐसे में जो विद्यार्थी परिश्रम का मार्ग चुनता है, वही आगे बढ़ पाता है। अतः यह कहना उचित है कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं।