चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में उन लक्षणों की पहचान करने के लिए कहा गया है जो नर मेंढक को मादा मेंढक से अलग करते हैं (अर्थात, लैंगिक द्विरूपता के लक्षण)।
चरण 2: नर और मादा मेंढक के लक्षणों का विश्लेषण:
• A. उभरी हुई आँखें: यह नर और मादा दोनों मेंढकों का लक्षण है, यह कोई विभेदक लक्षण नहीं है।
• B. वाक् कोष (Vocal sacs): यह केवल नर मेंढकों में पाया जाता है। वे इनका उपयोग प्रजनन के मौसम के दौरान मादाओं को आकर्षित करने के लिए टर्राने (croaking) की ध्वनि उत्पन्न करने के लिए करते हैं। यह एक विभेदक लक्षण है।
• C. पैरों में झिल्लीयुक्त अंगुलियाँ (Webbed digits): यह नर और मादा दोनों मेंढकों में तैरने के लिए एक अनुकूलन है। यह कोई विभेदक लक्षण नहीं है।
• D. अग्रपाद की पहली अंगुलि में मैथुनांग (Nuptial pad): प्रजनन के मौसम के दौरान, नर मेंढकों के अग्रपादों की पहली उंगली के आधार पर एक मोटी, गद्देदार संरचना विकसित होती है जिसे मैथुन अंकुश या मैथुनांग (nuptial pad) कहते हैं। यह उन्हें मैथुन (amplexus) के दौरान मादा को कसकर पकड़ने में मदद करता है। यह एक विभेदक लक्षण है।
• E. त्वचा का रंग: त्वचा का रंग और पैटर्न आमतौर पर नर और मादा दोनों में समान होते हैं और प्रजातियों के अनुसार भिन्न होते हैं, यह कोई विश्वसनीय विभेदक लक्षण नहीं है।
चरण 3: अंतिम उत्तर:
नर मेंढकों को मादाओं से अलग करने वाले मुख्य लक्षण वाक् कोष और मैथुनांग हैं। अतः, सही कथन B और D हैं। यह विकल्प (A) से मेल खाता है।