चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में विभिन्न जंतु समूहों (सूची I) को उनकी श्वसन विधि (सूची II) के साथ सुमेलित करना है।
चरण 2: प्रत्येक समूह और उसकी श्वसन विधि का विश्लेषण:
• A. मोलस्क (Molluscs): अधिकांश जलीय मोलस्क (जैसे पाइला, यूनियो) पंख जैसी संरचनाओं, जिन्हें टिनिडिया या क्लोम (gills) कहते हैं, के माध्यम से श्वसन करते हैं। स्थलीय मोलस्क में फुफ्फुस कोष (pulmonary sac) होता है। अतः, क्लोमीय श्वसन एक प्रमुख विधि है। A \(\rightarrow\) II.
• B. सरीसृप (Reptiles): सरीसृप (जैसे सांप, छिपकली, मगरमच्छ) पूरी तरह से स्थलीय कशेरुकी हैं और केवल फेफड़ों (lungs) द्वारा श्वसन करते हैं। उनमें त्वचीय या क्लोमीय श्वसन नहीं होता है। अतः, B \(\rightarrow\) I.
• C. वयस्क उभयचर (Adult Amphibians): वयस्क उभयचर (जैसे मेंढक) विभिन्न विधियों से श्वसन कर सकते हैं। जमीन पर, वे फेफड़ों का उपयोग करते हैं। पानी में या निष्क्रियता के दौरान, वे अपनी नम त्वचा के माध्यम से श्वसन करते हैं। कुछ में मुख-ग्रसनी गुहा द्वारा भी श्वसन होता है। अतः, C \(\rightarrow\) IV.
• D. अमीबा (Amoeba): अमीबा एक एककोशिकीय प्रोटिस्ट है। इसमें कोई विशेष श्वसन अंग नहीं होते हैं। गैसों (O₂ और CO₂) का आदान-प्रदान पूरी कोशिका सतह पर सरल विसरण द्वारा होता है, जिसे कोशिकीय श्वसन (यहां सामान्य सतह श्वसन के अर्थ में) कहा जा सकता है। अतः, D \(\rightarrow\) III.
चरण 3: सही मिलान का निर्धारण:
सही मिलान इस प्रकार हैं:
A \(\rightarrow\) II
B \(\rightarrow\) I
C \(\rightarrow\) IV
D \(\rightarrow\) III
चरण 4: अंतिम उत्तर:
यह क्रम (A-II, B-I, C-IV, D-III) विकल्प (B) में दिया गया है। अतः, विकल्प (B) सही है।