Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न जैव प्रौद्योगिकी में प्रयुक्त प्लाज्मिड वाहक pBR322 और उसमें 'निवेशी अक्रियकरण' (insertional inactivation) की घटना पर आधारित है।
हमें यह निर्धारित करना है कि जब एक विजातीय डीएनए को विशिष्ट एंटीबायोटिक प्रतिरोधी जीन में डाला जाता, तो कोशिकाओं के प्रतिरोध पर क्या प्रभाव पड़ता है।
Step 2: Key Formula or Approach:
1. pBR322 में दो प्रमुख वरणयोग्य चिन्हक (selectable markers) होते हैं: एम्पीसिलीन प्रतिरोधी जीन (\(amp^R\)) और टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोधी जीन (\(tet^R\))।
2. जब बाहरी डीएनए को किसी विशिष्ट एंटीबायोटिक प्रतिरोधी जीन (जैसे \(tet^R\)) के भीतर जोड़ा जाता है, तो वह जीन निष्क्रिय हो जाता है। इसे निवेशी अक्रियकरण कहते हैं।
Step 3: Detailed Explanation:
• पुनर्योगज प्लाज्मिड (Recombinant Plasmid): चूंकि बाहरी डीएनए को टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोधी जीन के बीच अंतःस्थापित किया गया है, इसलिए टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोधकता नष्ट हो जाती है। लेकिन एम्पीसिलीन प्रतिरोधी जीन अप्रभावित रहता है।
• इसके परिणामस्वरूप, पुनर्योगज कोशिकाएं एम्पीसिलीन युक्त माध्यम पर तो जीवित रह सकती हैं और बढ़ सकती हैं, लेकिन टेट्रासाइक्लिन युक्त माध्यम पर वे नष्ट हो जाएंगी।
• अपुनर्योगज प्लाज्मिड (Non-recombinant Plasmid): इनमें कोई बाहरी डीएनए नहीं जुड़ता, इसलिए इनके दोनों जीन (\(amp^R\) और \(tet^R\)) सक्रिय रहते हैं। ये कोशिकाएं एम्पीसिलीन और टेट्रासाइक्लिन दोनों ही माध्यमों पर वर्धन कर सकती हैं।
अतः, विकल्प (A) इस वैज्ञानिक स्थिति का सही वर्णन करता है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि पुनर्योगज कोशिकाएं निवेशी अक्रियकरण के कारण टेट्रासाइक्लिन के प्रति अपनी प्रतिरोधकता खो देती हैं।