Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न थाइलेकोइड झिल्ली के पार केमियोस्मोटिक परिकल्पना (Chemiosmotic Hypothesis) के अनुसार प्रोटॉन प्रवणता (proton gradient) के निर्माण से संबंधित है।
प्रकाश संश्लेषण के दौरान एटीपी (\(ATP\)) के संश्लेषण के लिए थाइलेकोइड की अवकाशिका (lumen) में प्रोटॉन्स की सांद्रता को बढ़ाना और पीठिका (stroma) में कम करना आवश्यक होता है।
हमें उन सही प्रक्रियाओं की पहचान करनी है जो अवकाशिका में प्रोटॉन सांद्रता को बढ़ाती हैं या पीठिका में कम करती हैं।
Step 2: Key Formula or Approach:
केमियोस्मोटिक सिद्धांत के अनुसार, प्रोटॉन प्रवणता तीन मुख्य कारणों से बनती है:
1. जल का प्रकाश-अपघटन जो थाइलेकोइड अवकाशिका की आंतरिक सतह पर होता है और प्रोटॉन्स मुक्त करता है।
2. प्लास्टोक्विनोन (\(PQ\)) द्वारा प्रोटॉन्स को पीठिका से अवकाशिका में स्थानांतरित करना।
3. एनएडीपी रिडक्टेस (\(NADP\) reductase) एंजाइम द्वारा पीठिका में एनएडीपी+ (\(NADP^+\)) के अपचयन के लिए प्रोटॉन्स का उपयोग करना।
Step 3: Detailed Explanation:
• कथन i: प्लास्टोक्विनोन एक hydrogen वाहक है जो इलेक्ट्रॉनों के साथ-साथ प्रोटॉन्स को पीठिका (stroma) से प्राप्त करता है और उन्हें थाइलेकोइड की अवकाशिका (lumen) में मुक्त करता है। यह कथन सही है।
• कथन ii: एनएडीपी+ (\(NADP^+\)) का अपचयन थाइलेकोइड झिल्ली की पीठिका (stroma) की ओर होता है। इस प्रक्रिया में पीठिका से प्रोटॉन्स (\(H^+\)) का उपयोग किया जाता है, जिससे पीठिका में प्रोटॉन की सांद्रता घटती है। यह कथन सही है।
• कथन iii: एटीपी सिंथेज (\(ATP\) Synthase) के माध्यम से प्रोटॉन्स अवकाशिका से पीठिका की ओर गति करते हैं (अर्थात अवकाशिका से प्रोटॉन्स का निकास होता है, न कि अवकाशिका में मुक्ति)। इसलिए यह कथन गलत है।
• कथन iv: जल का विघटन (splitting of water) थाइलेकोइड झिल्ली के अंदरूनी हिस्से (अवकाशिका की तरफ) होता है, जिससे उत्पन्न होने वाले प्रोटॉन्स सीधे अवकाशिका में जमा होते हैं। यह कथन सही है।
अतः सही कथन i, ii और iv हैं, जो विकल्प (A) में दिए गए हैं।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि कथन i, ii और iv मिलकर थाइलेकोइड झिल्ली के आर-पार एक मजबूत प्रोटॉन प्रवणता स्थापित करते हैं।