Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न गर्भ रक्ताणुकोरकता (Erythroblastosis fetalis) नामक गंभीर बीमारी के निवारण के लिए किए जाने वाले प्रति-Rh प्रतिरक्षी (anti-Rh antibody) उपचार के सही समय और स्थिति से संबंधित है।
Step 2: Key Formula or Approach:
1. गर्भ रक्ताणुकोरकता तब होती है जब एक Rh-नेगेटिव (Rh रहित) माँ के गर्भ में Rh-पॉजिटिव (Rh सहित) भ्रूण विकसित होता है।
2. प्रथम प्रसव के समय, शिशु का कुछ रक्त माँ के परिसंचरण में मिल सकता है, जिससे माँ का शरीर Rh एंटीजन के विरुद्ध प्रतिरक्षी (antibodies) बनाना शुरू कर देता है।
3. इस संवेदीकरण (sensitization) को रोकने के लिए, माँ को पहले प्रसव के तुरंत बाद निष्क्रिय प्रति-Rh प्रतिरक्षी दिए जाते हैं।
Step 3: Detailed Explanation:
• यह विकार केवल तभी उत्पन्न हो सकता है जब माँ का रक्त Rh रहित (Rh-negative) हो और भ्रूण का रक्त Rh सहित (Rh-positive) हो।
• यदि पहला शिशु Rh सहित उत्पन्न होता है, तो प्रसव के दौरान माँ का शरीर इन लाल रक्त कोशिकाओं के संपर्क में आ सकता है और स्थाई मेमोरी कोशिकाएं बना सकता है।
• इससे बचने के लिए, प्रथम शिशु के जन्म के तुरंत बाद माँ को प्रति-Rh प्रतिरक्षी (Anti-D) का इंजेक्शन दिया जाता है। यह इंजेक्शन माँ के रक्त में प्रवेश करने वाले शिशु के Rh एंटीजन को निष्क्रिय कर देता है।
• अतः, यह उपचार हमेशा "Rh रहित माँ को प्रथम Rh सहित शिशु के जन्म के उपरांत" दिया जाना चाहिए। यह कथन विकल्प (A) में दिया गया है।
अतः, विकल्प (A) ही वैज्ञानिक रूप से सही उपचार प्रोटोकॉल को वर्णित करता है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है जो इस विसंगति को रोकने का सही उपाय है।