Concept:
- विवेक का अर्थ है सही और गलत, लाभकारी और केवल सुखद के बीच अंतर करने की समझ।
- प्रश्न ‘क्यों’ पूछता है, इसलिए उत्तर में कारण देने होंगे, केवल विवरण नहीं।
Step 1: पहला कारण, समय सीमित संसाधन है।
गद्यांश कहता है कि समय वास्तव में
सीमित संसाधन है। जो बीत गया वह लौटता नहीं, इसलिए उसे सोच-समझकर ही खर्च किया जा सकता है।
Step 2: दूसरा कारण, हर ‘हाँ’ के साथ एक ‘ना’ जुड़ी होती है।
गद्यांश के अनुसार जब हम किसी एक चीज के लिए हाँ कहते हैं, तो किसी दूसरी चीज के लिए ना कह रहे होते हैं। अर्थात हर चुनाव के साथ कुछ छूट जाता है, इसलिए चुनाव विवेक से करना पड़ता है।
Step 3: तीसरा कारण, लाभकारी और सुखद में अंतर।
मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है और यही जीवन हमें विवेक देता है, जो
लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करने में सक्षम बनाता है। जो तत्काल सुखद लगता है, वह दूरगामी दृष्टि से हानिकारक हो सकता है।
Step 4: चौथा कारण, यही सफलता और संतोष का मार्ग है।
जैसे विद्यार्थी परीक्षा से ठीक पहले समय को समझकर पूरी निष्ठा से पढ़ाई करते हैं, वैसे ही जीवन के हर क्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाना चाहिए। जो हर क्षण को सार्थक बनाते हैं, वे ही संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं।
Final Answer: हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग इसलिए आवश्यक है क्योंकि समय सीमित है और बीता हुआ क्षण लौटता नहीं, एक काम चुनने का अर्थ दूसरा छोड़ देना होता है, विवेक ही लाभकारी और केवल सुखद में अंतर करा सकता है, और इसी से जीवन में सफलता तथा संतोष का संतुलन मिलता है।