Comprehension
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

विश्व में जल-संकट बड़ी समस्या बन चुकी है। इससे हर साल करोड़ों लोग प्रभावित होते हैं। गर्मियों में यह संकट और बढ़ जाता है। गाँवों से महानगरों तक पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगती है। यह संकट न केवल ग्रामीण और शहरी आबादी के लिए गंभीर चुनौती है बल्कि कृषि पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। लगातार गिरता भू-जल स्तर, जल संसाधनों की बर्बादी, बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन इस संकट को और विकराल बना रहे हैं। अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

जल-संकट गहराने के कई कारण हैं। हमें पता है कि पानी सीमित है, फिर भी उसे बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ बहा रहे हैं। विश्व की तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की माँग बढ़ती जा रही है लेकिन जल संसाधनों का उतनी ही अधिक तेजी से क्षय हो रहा है। कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जिससे भू-जल का स्तर गिरता जा रहा है। नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक के बढ़ते स्तर के कारण पीने योग्य पानी की लगातार कमी आ रही है।
Question: 1

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :

कथन : भूमिगत जल के प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा है।
कारण : जल के विविध स्रोतों को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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पहले कारण वाले वाक्य को गद्यांश से मिलाइए। गद्यांश पानी बचाने की बात करता है या पानी बर्बाद करने की, यही देखने से आधे विकल्प कट जाएँगे।
Updated On: Sep 15, 2026
  • कथन और कारण दोनों गलत हैं।
  • कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
  • कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
  • कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

Concept:
  • कथन-कारण वाले प्रश्न में पहले दोनों वाक्यों को अलग-अलग जाँचा जाता है, उसके बाद ही दोनों के बीच का संबंध देखा जाता है।
  • दोनों की जाँच का आधार केवल गद्यांश होना चाहिए, अपना सामान्य ज्ञान नहीं।

Step 1: कथन की जाँच कीजिए।
गद्यांश में लिखा है कि नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक का स्तर बढ़ रहा है। भू-जल का अर्थ ही भूमिगत जल है।
अतः कथन सही है।

Step 2: कारण की जाँच कीजिए।
कारण कहता है कि जल-स्रोतों को संरक्षित रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। गद्यांश इसके ठीक विपरीत बात कहता है, कि हम पानी को बचाने के बजाए व्यर्थ बहा रहे हैं और भू-जल का अत्यधिक दोहन कर रहे हैं।
अतः कारण गलत है।

Step 3: दोनों के संबंध पर विचार कीजिए।
यदि संरक्षण के सचमुच हर संभव प्रयास हो रहे होते, तो प्रदूषण घटता, बढ़ता नहीं। इसलिए कारण, कथन की व्याख्या तो दूर, उसका खंडन करता है।

Step 4: सही विकल्प चुनिए।
कथन सही और कारण गलत, अर्थात विकल्प (B)।

Final Answer: (B) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
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Question: 2

विश्व में पानी की माँग दिनोंदिन क्यों बढ़ रही है?

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प्रश्न में माँग शब्द पर ध्यान दीजिए। जो विकल्प पानी की उपलब्धता घटाते हैं वे माँग बढ़ाने का कारण नहीं हो सकते।
Updated On: Sep 15, 2026
  • जलवायु परिवर्तन के कारण
  • भू-जल के गिरते स्तर के कारण
  • कृषि योग्य भूमि के विस्तार के कारण
  • बढ़ती हुई आबादी के कारण
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

Concept:
  • माँग का सीधा संबंध उपभोक्ताओं की संख्या से होता है, अर्थात जितने अधिक लोग, उतनी अधिक माँग।
  • प्रश्न विशेष रूप से माँग बढ़ने का कारण पूछ रहा है, आपूर्ति घटने का नहीं।

Step 1: गद्यांश की संबंधित पंक्ति खोजिए।
गद्यांश में लिखा है कि विश्व की तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की माँग बढ़ती जा रही है।
उत्तर सीधे गद्यांश में दिया हुआ है।

Step 2: विकल्प (B) की जाँच कीजिए।
भू-जल का गिरता स्तर पानी की उपलब्धता कम करता है, माँग नहीं बढ़ाता। यह संकट का दूसरा पक्ष है, इसलिए यह उत्तर नहीं है।

Step 3: विकल्प (A) की जाँच कीजिए।
जलवायु परिवर्तन का उल्लेख गद्यांश में संकट को विकराल बनाने वाले कारकों में है, परंतु माँग बढ़ने के कारण के रूप में नहीं।

Step 4: विकल्प (C) की जाँच कीजिए।
कृषि योग्य भूमि के विस्तार की बात गद्यांश में कहीं नहीं है। गद्यांश कृषि पर जल-संकट के प्रभाव की बात करता है।

Final Answer: (D) बढ़ती हुई आबादी के कारण
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Question: 3

जल-संकट गहराने के प्रमुख कारण नहीं हैं।

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प्रश्न में नहीं शब्द रेखांकित है। विकल्पों को दो भागों में बाँटिए, कौन समस्या बढ़ाता है और कौन घटाता है।
Updated On: Sep 15, 2026
  • लगातार गिरता भू-जल स्तर
  • लगातार बढ़ती जनसंख्या
  • जल स्रोतों का सुनियोजित उपयोग
  • जल संरक्षण के अनुपयुक्त उपाय
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

Concept:
  • यह नकारात्मक प्रश्न है, अर्थात जो विकल्प कारण नहीं है वही उत्तर होगा।
  • ऐसे प्रश्न में तीन विकल्प सही होते हैं और एक बेमेल होता है, इसलिए बेमेल विकल्प ढूँढ़ना है।

Step 1: विकल्प (A) की जाँच कीजिए।
गद्यांश में लगातार गिरते भू-जल स्तर को संकट विकराल बनाने वाले कारकों में गिनाया गया है। यह कारण है, उत्तर नहीं।

Step 2: विकल्प (B) की जाँच कीजिए।
बढ़ती जनसंख्या का भी गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है। यह भी कारण है।

Step 3: विकल्प (D) की जाँच कीजिए।
गद्यांश कहता है कि पानी को बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ बहा रहे हैं, अर्थात संरक्षण के उपाय अनुपयुक्त हैं। यह भी कारण है।

Step 4: विकल्प (C) की जाँच कीजिए।
सुनियोजित उपयोग का अर्थ है सोच-समझकर, योजना बनाकर पानी का प्रयोग करना। यह तो संकट का समाधान है, कारण नहीं।
गद्यांश भी अत्यधिक दोहन की बात करता है, सुनियोजित उपयोग की नहीं।

Final Answer: (C) जल स्रोतों का सुनियोजित उपयोग
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Question: 4

‘पानी को बूँद-बूँद बचाने के बजाए हम उसे व्यर्थ कर रहे हैं।’ कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

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वाक्य में के बजाए शब्द पर ध्यान दीजिए। पहले बताइए कि क्या करना चाहिए, फिर उदाहरण देकर बताइए कि हम वास्तव में क्या कर रहे हैं।
Updated On: Sep 15, 2026
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Solution and Explanation

Concept:
  • आशय स्पष्ट करने का अर्थ है कथन को अपने शब्दों में खोलकर समझाना और उसके पीछे छिपी बात सामने लाना।
  • यहाँ कथन में दो बातों की तुलना है, जो हमें करना चाहिए और जो हम वास्तव में कर रहे हैं।

Step 1: कथन का पहला भाग समझिए।
‘बूँद-बूँद बचाना’ एक मुहावरे जैसा प्रयोग है, जिसका अर्थ है पानी की एक-एक बूँद का मोल समझकर अत्यंत सावधानी से उसका उपयोग करना।

Step 2: कथन का दूसरा भाग समझिए।
‘व्यर्थ करना’ अर्थात बिना किसी उपयोग के पानी बहा देना, जैसे नल खुला छोड़ देना, टपकते नल की मरम्मत न कराना, वाहन धोने और आँगन धोने में पानी बहाना।

Step 3: दोनों भागों का विरोधाभास बताइए।
हम जानते हैं कि पृथ्वी पर पीने योग्य पानी सीमित है, फिर भी हमारा व्यवहार ठीक उलटा है। जानते हुए भी हम बचाते नहीं, बहाते हैं। यही कथन की मूल पीड़ा है।

Step 4: परिणाम बताते हुए बात पूरी कीजिए।
इसी लापरवाही से भू-जल का स्तर गिरता है और जल संसाधनों का क्षय होता है। यदि यही रवैया रहा तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो जाएगी।

Final Answer: इस कथन का आशय यह है कि पानी सीमित संसाधन है और उसका एक-एक बूँद बचाया जाना चाहिए, परंतु हम यह जानते हुए भी उसे बिना सोचे-समझे बहाते रहते हैं। हमारी यही लापरवाही जल-संकट को और गहरा कर रही है।
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Question: 5

पेय जल की उपलब्धता में निरंतर गिरावट क्यों आ रही है?

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दो तरह के कारण अलग-अलग लिखिए, एक वे जिनसे पानी की मात्रा घटती है और दूसरे वे जिनसे उपलब्ध पानी पीने लायक नहीं रह जाता।
Updated On: Sep 15, 2026
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Solution and Explanation

Concept:
  • पेय जल का अर्थ है पीने योग्य जल। इसकी कमी दो तरह से होती है, या तो पानी कम हो जाए या जो है वह पीने लायक न रहे।
  • गद्यांश में दोनों कारण दिए गए हैं, इसलिए उत्तर में दोनों आने चाहिए।

Step 1: पहला कारण, जल स्रोतों का प्रदूषित होना।
नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरे, रसायनों और प्लास्टिक का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे जो पानी उपलब्ध भी है, वह पीने योग्य नहीं रह जाता।

Step 2: दूसरा कारण, भू-जल का अत्यधिक दोहन।
कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भू-जल इतना अधिक खींचा जा रहा है कि भू-जल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।

Step 3: तीसरा कारण, बढ़ती जनसंख्या।
विश्व की तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की माँग बढ़ रही है, जबकि जल संसाधनों का उतनी ही तेजी से क्षय हो रहा है। माँग और आपूर्ति का यह अंतर कमी को और बढ़ा देता है।

Step 4: चौथा कारण, पानी की बर्बादी।
पानी सीमित होते हुए भी उसे बचाने के बजाय व्यर्थ बहाया जा रहा है, जिससे उपलब्ध जल और तेजी से घटता है।

Final Answer: पेय जल की उपलब्धता इसलिए घट रही है क्योंकि नदियों, झीलों और भू-जल में औद्योगिक कचरा, रसायन और प्लास्टिक मिलकर उसे दूषित कर रहे हैं, कृषि, उद्योग तथा घरेलू उपयोग के लिए भू-जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, बढ़ती आबादी से माँग बढ़ रही है और उपलब्ध पानी भी बर्बाद किया जा रहा है।
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