निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
(१) उत्तर लिखिए:
• (१) परिंदों को यह शिकायत है।
• (२) परिणाम लिखिए: हम जिदगी के चंद सवालों में खो गए:
(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए:
• (१) पक्षी :
• (२) सपना :
• (३) प्रश्न :
• (४) उत्तर :
(३) 'व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए' इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए (कोई दो):
(1) सुकुकु-सुकुकु नास से पित्त (मवाद) निकल रहा है,
नाकिका से स्रवण पदार्थ निकल रहा है।
(2) राम के रूप निहारति जानकी, कंकन के मन की परछाई।
यामिनी बैरु भुली गई, कर टेंकति ऐर तारता नाही।।
(3) माला फेरत जुग गया, मन न फिरतो फेर।
कर का मनका फेर दे, मन का मनका फेर।।
(4) तू दयालु दीन बंधु, तू तारन के अधिकारी।
हिं प्रबल दुःख पातकी, तू प्रभु पुकारारी।।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए (कोई दो):
(1) प्यारे जी मैंने राम रतन धन पायो।
(2) राधा-बदन चंद सो सुंदर।
(3) चढ़ी अनंगन नंदि अंबार।
भूड़ा उतरै कैसे पार।।
राणा ने सोचा इह पार।
तब तक पेखत झा उस पार।।
(4) एक प्राण में दो तलवारें, कभी नहीं रह सकती हैं।
किसी और पर प्रेम पिया का, नारी नहीं रह सकती है।
निम्नलिखित वाक्यों का कोष्ठक में दी गई सूचनाओं के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए (कोई दो):
(1) वैद्य का लहू सूख गया है। (सामान्य भूतकाल)
(2) सत्य का मार्ग सरल है। (सामान्य भविष्यकाल)
(3) हमारे भू-मंडल में हवा और पानी बुरी तरह प्रदूषित हुए हैं। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
(4) मैं वहाँ जाकर मौसी को देख अति दुखी हो गया। (पूर्ण भूतकाल)
निम्नलिखित में से किन्हीं चार के पारिभाषिक शब्द लिखिए:
(1) Judge
(2) Warning
(3) Balance
(4) Payment
(5) Speed
(6) Antiseptics
(7) Output
(8) Auxiliary Memory
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
गद्यांश:
एक बार इंग्लैंड के प्रसिद्ध साहित्यसेवी डॉ॰ जॉनसन के पास उनका एक मित्र आया और अफसोस ज़ाहिर करते लगा कि उसे धार्मिक ग्रंथ पढ़ने के लिए समय ही नहीं मिलता।
"क्यों?" डॉ॰ जॉनसन ने पूछा।
"आप ही देखिए, दिन-रात मिलाकर सिर्फ चौबीस घंटे होते हैं, इसमें से आठ घंटे तो सोने में निकल जाते हैं।"
"पर यह बात अब की तो फिर लीजिए है।" डॉ॰ जॉनसन ने कहा।
"और करीब आठ घंटे ऑफिस के काम करने पड़ते हैं।"
"और बाकी आठ घंटे?" डॉ॰ जॉनसन ने पूछा।
"वह तो खाने, पीने, कपड़े बदलने, नहाने-धोने, ऑफिस आने-जाने, मित्रों से मिलने-जुलने, किताबें पढ़ने तथा घरेलू कामों में व्यतीत हो जाते हैं।"
"तब तो मुझे भी तुम्हारा मतलब समझ में आ गया," डॉ॰ जॉनसन एक गहरी साँस लेकर बोले।
"क्यों? क्या?" मित्र ने पूछा।
"यदि किसी व्यक्ति का सोना, खाना, पीना, नहाना, धोना, और अपने अनुभवों के लिए दुनिया में एक जीवन ही हो पाए, तो जानिए, वह व्यक्ति चौबीस घंटे नहीं, बल्कि सत्तर या अस्सी करोड़ लोगों जैसे अपना पेट भर सकता है।"
"क्या कहा आपने?"
"मैंने कहा कि संसार में करोड़ों लोग हैं जो मेहनत करते हुए भी अपने जीवन में समय नहीं निकाल पाते।"
यह सुनकर मित्र निरुत्तर रह गया। डॉ॰ जॉनसन ने कहा, "एक बार नज़र डालिए — खेतों में किसान हैं, उबल-उबल कर भोजन बनाने वाले, नदी-नालों में रेंगते लोग हैं, कारख़ानों में काम करने वाले मजदूर हैं। यही सच्चे लोग हैं, जो परिश्रम और श्रम की पूजा करते हैं। इन्हीं के श्रम से संसार चलता है। दुनिया में करोड़ों लोग हर दिन आते हैं और उन्हें श्रम मिलता ही नहीं।"
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
अंकुरित होने से जड़ें हो जाने तक
आँधी-तूफान हो या कोई प्रतापी राजा-महाराजा
पेड़ किसी के पाँव नहीं पड़ता है,
जब तक है उसमें साँस
एक जगह पर खड़े रहकर
हालात से लड़ता है!
जहाँ भी खड़ा हो
सड़क, झील या कोई पहाड़
भेड़िया, बाघ, शेर की दहाड़
पेड़ किसी से नहीं डरता है!
हत्या या आत्महत्या नहीं करता है पेड़।
थके राहगीरों को देकर छाँव व ठंडी हवा
राह में गिरा देता है फूल
और करता है इशारा उसे आगे बढ़ने का।
पेड़ करता है सभी का स्वागत,
देता है सभी को दावत!
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
अपने हृदय का सत्य, अपने-आप हमको खोजना।
अपने नयन का नीर, अपने-आप हमको पोंछना।
आकाश सुख देगा नहीं, धरती पपीहों है कहीं।
हर एक राहों को भटककर ही दिशा मिलती रही।
सत्य हम नहीं, सत्य तुम नहीं।
बेकार है मुस्कान से ढकना हृदय की चिन्ता।
आदर्श हो सकती नहीं, तन और मन की भिन्नता।
जब तक बैठे हैं चेतना, जब तक भागे दुख से घृणा।
तब तक न मौलिकता कभी, इस राह को ही में रही।
सत्य हम नहीं, सत्य तुम नहीं।
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

(१) आकृति पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित शब्दों के वचन पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए:
(१) आँधियाँ
(२) साँसें
(३) सड़कें
(४) हवाएँ
(३) 'पेड़ मनुष्य को प्रेरणा देता है' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

(१) उत्तर लिखिए:
(i) हमें हृदय की इस बात को खोजना है
(ii) हर एक राही को भटककर मिलती है
(iii) इसे मुस्कान से ढकना बेकार है
(iv) यह आदर्श नहीं हो सकती है
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए प्रत्यय निकालकर मूल शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) सत्यता
(२) सुखी
(३) राही
(४) मुस्कुराहट
(३) 'संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
(१) कृति पूर्ण कीजिए: आरती के लिए:
(इस कृति के लिए पद्यांश में आरती के तत्वों की जानकारी देनी है।)
(२) उचित मिलान कीजिए:
\[\begin{array}{|l|l|} \hline \textbf{अ} & \textbf{ब} \\ \hline \text{(१) ईश्वर} & \text{काल} \\ \hline \text{(२) आकाश} & \text{प्रभु} \\ \hline \text{(३) समय} & \text{खोजत} \\ \hline \text{(४) खोज} & \text{गगन} \\ \hline \end{array}\]
(३) 'विद्यार्थी जीवन में गुरु का महत्त्व' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।