Question:

‘चकरा जाना’ और ‘चक्कर में पड़ना’ का अर्थ लिखकर इन दोनों मुहावरों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

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दोनों के अर्थ अलग-अलग लिखिए, फिर एक ही स्थिति में दोनों को रखकर देखिए। एक मन की घबराहट बताता है और दूसरा किसी जाल में फँसना।
Updated On: Sep 15, 2026
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Solution and Explanation

Concept:
  • कुछ मुहावरे सुनने में मिलते-जुलते लगते हैं पर उनका अर्थ अलग होता है। ऐसे में दोनों के अर्थ अलग-अलग लिखकर फिर अंतर बताना चाहिए।
  • अंतर स्पष्ट करने के लिए यह देखना चाहिए कि दोनों में स्थिति का स्वभाव कैसे बदलता है।

Step 1: पहले मुहावरे का अर्थ लिखिए।
चकरा जाना – घबरा जाना, कुछ समझ में न आना, बुद्धि का काम करना बंद कर देना।

Step 2: दूसरे मुहावरे का अर्थ लिखिए।
चक्कर में पड़ना – किसी उलझन या मुसीबत में फँस जाना, धोखे में आ जाना।

Step 3: अंतर का पहला बिंदु बताइए।
‘चकरा जाना’ मन की अवस्था बताता है, अर्थात व्यक्ति के भीतर की घबराहट। इसमें कोई बाहरी जाल नहीं होता।
‘चक्कर में पड़ना’ परिस्थिति बताता है, अर्थात व्यक्ति किसी उलझन या जाल में फँस गया है।

Step 4: उदाहरण से अंतर दिखाइए।
कठिन प्रश्न देखकर विद्यार्थी चकरा गया। (वह केवल घबरा गया।)
सस्ते सामान के लालच में वह ठग के चक्कर में पड़ गया। (वह जाल में फँस गया।)

Final Answer: चकरा जाना का अर्थ है घबरा जाना और कुछ समझ में न आना, जबकि चक्कर में पड़ना का अर्थ है किसी उलझन या धोखे में फँस जाना। पहला मन की घबराहट बताता है और दूसरा बाहरी मुसीबत में फँसना।
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