Concept:
- ई-मेल का निश्चित प्रारूप होता है – प्रेषक, प्राप्तकर्ता, विषय, संबोधन, मुख्य भाग और अंत में नाम।
- यह औपचारिक ई-मेल है, इसलिए भाषा शिष्ट और सीधी होनी चाहिए तथा शब्द-सीमा का ध्यान रखना चाहिए।
Step 1: प्रारूप के अंग तय कीजिए।
सेवा में का स्थान यहाँ प्रेषक और प्राप्तकर्ता की ई-मेल आईडी ले लेती है। उसके बाद विषय आता है, जो एक पंक्ति में पूरा उद्देश्य बता दे।
Step 2: मुख्य भाग की योजना बनाइए।
पहला अनुच्छेद – समस्या बताइए, कि किशोरों को करियर की सही जानकारी नहीं मिल पाती।
दूसरा अनुच्छेद – सुझाव दीजिए, कि इस विषय पर एक शृंखला आरंभ की जाए।
तीसरा अनुच्छेद – निवेदन और आभार।
Step 3: भाषा का ध्यान रखिए।
औपचारिक ई-मेल में न तो बहुत भावुक भाषा चाहिए और न ही शिकायत का स्वर। निवेदन का विनम्र स्वर ही उपयुक्त है।
Step 4: शब्द-सीमा संभालिए।
लगभग 80 शब्द का अर्थ है छोटे-छोटे वाक्य और केवल आवश्यक बातें। विस्तार से बचिए।
Final Answer:
प्रेषक : utkarsh2026@email.com
प्रेषिती : directorate@doordarshan.gov.in
विषय : किशोरों के लिए करियर मार्गदर्शन शृंखला आरंभ किए जाने हेतु निवेदन
महोदय,
आज का समय तेजी से बदल रहा है और नए-नए क्षेत्र खुल रहे हैं। ऐसे में अधिकांश किशोर यह तय नहीं कर पाते कि उन्हें किस दिशा में जाना चाहिए। गाँवों और छोटे शहरों में तो सही मार्गदर्शन मिलना और भी कठिन है।
मेरा विनम्र निवेदन है कि दूरदर्शन पर करियर मार्गदर्शन पर आधारित एक साप्ताहिक शृंखला आरंभ की जाए, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करें। इससे लाखों विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
आशा है आप इस सुझाव पर विचार करेंगे।
सधन्यवाद,
उत्कर्ष